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बुलंदशहर:- घर से लापता युवक का मिला शव, परिजनों में हाहाकार_इकबाल सैफी की रिपोर्ट

बुलंदशहर :- बुलंदशहर के खुर्जा में रहने वाले एक परिवार में उस वक्त कोहराम मच गया जब घर से लापता एक...

👤 Ajay2017-03-22 16:22:27.0
बुलंदशहर:-  घर से लापता युवक का मिला शव, परिजनों में हाहाकार_इकबाल सैफी की रिपोर्ट
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बुलंदशहर :- बुलंदशहर के खुर्जा में रहने वाले एक परिवार में उस वक्त कोहराम मच गया जब घर से लापता एक युवक की हत्या के बाद भी सुचना परिजनों तक नहीं पहुंची। दरसल बुलंदशहर के खुर्जा का रहने वाला शाहिद २४ फरवरी से लापता था जबकि पुलिस शाहिद का गुप्तांग कटा बोरे में बन्द खुर्जा देहात से बरामद किया। लेकिन उसके बाद भी ना तो पुलिस उसकी शिनाख्त कर पाई ना शाहिद के परिजनों को इसकी भनक लगी। आखिरकार पुलिस ने अंतिम संस्कार भी कर दिया। और जब आज तक भी उस हत्या के खिलाफ कोई तहरीर नहीं आई तो पुलिस ने एक दैनिक समाचार पत्र के माध्यम से जनता तक सुचना पहुंचाई उस सुचना को पढ़कर शाहिद का परिवार खुर्जा थाना देहात पहुंचा लेकिन परिजनों में हाहाकार मच गया।


मृतक युवक शाहिद बुलंदशहर के खुर्जा नगर के मदार दरवाज़ा के पास का रहने वाला था और २४ फरवरी की शाम घर से नमाज पढ़ने के लिए गया था। लेकिन शाहिद फिर कभी घर वापस नहीं लौटा। वहीं शाहिद के परिजनों को ये इल्म ही ना था के घर से नमाज के लिए निकला शाहिद अब कभी वापस नहीं आ सकेगा। दरसल बीती 25 फरवरी को खुर्जा देहात थाना क्षेत्र में किसान की सुचना पर पुलिस ने एक शव बरामद किया शव बोरे में बन्द था और हत्या बहुत ही बेरहमी से गई थी यहाँ तक के शव का गुप्तांग भी काट दिया गया था। वहीँ बुलन्दशहर पुलिस लाख कोशिश बाद भी शव की शिनाख्त नहीं कर सकी थी। खबर मीडिया में भी दिखाई गई और आखिरकार पुलिस शव का अंतिम संस्कार भी करा दिया। वहीं शाहिद के परिजन जब हर मशक्कत के बाद भी शाहिद को नहीं ढूंढ सके तो उन्होंने 14 मार्च को खुर्जा नगर थाने में शाहिद का गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया। सरकार बदली तो यूपी पुलिस भी ऐसे तमाम मामलों को खंगालने लगी जो किसी कारण दब गए थे। बुलंदशहर के खुर्जा देहात थाना प्रभारी ने आज एक दैनिक समाचार पत्र के माध्यम से सुचना प्रकाशित कराई जिसमे फिर उस शव का ज़िक्र किया गया जो अज्ञात पाया गया था। और वो सुचना शाहिद के परिवार तक भी पहुंची। शाहिद की पत्नी परिवार के साथ थाना पहुंची तो पैरों तले से ज़मीन निकल गई। दरसल 25 फरवरी को पुलिस द्वारा जिस शव का अंतिम संस्कार कराया गया था वो किसी और का नहीं बल्कि शाहिद का था।
वहीँ पुलिस की माने तो शव को देख साफ़ अंदाज़ा लगाया जा सकता है की हत्या बहुत बेरहमी से की गई है लेकिन पुलिस परिजनों की तरफ से तहरीर आने पर ही हत्या की कड़ी जोड़ने का काम शुरू कर सकेगी। हत्या के पीछे वजह कोई भी रही हो लेकिन क्या बीती होगी उस माँ पर जो हत्या के बाद भी अपने कलेजे के टुकड़े को ना देख पाई हो या क्या बीती होगी उस पत्नी पर जो आज भी यकीन नहीं कर पा रही है उसके परिवार का मुखिया अब कभी वापस नहीं आएगा।